दक्ष यज्ञ का पूर्ण होना।

जब ब्रह्मा जी ने दक्ष यज्ञ पूरा करवाने की प्रार्थना शंकर भगवान से की, तो शंकर भगवान ने प्रसन्नता पूर्वक हंसते हुए कहा- सुनिये। प्रजापते!…

देवताओं का कैलाश जाकर महादेव जी को मनाना।

वीरभद्र के द्वारा दक्ष यज्ञ के विध्वंस और दक्ष की मृत्यु के बाद, जब रुद्र के सेवकों ने समस्त देवताओं को हरा दिया और उनके…

वीरभद्र द्वारा दक्षयज्ञविध्वंस और दक्षवध।

महादेव जी ने जब नारद जी के मुख से सुना कि अपने पिता दक्ष से अपमानित होने के कारण देवी सती ने प्राण त्याग दिए…

सती का अग्नि-प्रवेश।

शिवजी ने देखा कि सती को दक्ष के यहां जाने देने, अथवा जाने देने से रोकने- दोनों ही अवस्थाओं में सती के प्राणत्याग की संभावना…

सती का दक्ष प्रजापति के यहां यज्ञ में जाने के लिए आग्रह करना।

श्री मैत्रेयजी कहते हैं- विदुरजी! इस प्रकार दक्ष और शंकरजी को आपस में वैर- विरोध रखते हुए बहुत समय निकल गया। इसी समय ब्रह्मा जी…

भगवान महादेव के प्रति दक्ष प्रजापति का द्वेष भाव।

विदुर जी ने श्री मैत्रेयजी से पूछा – प्रजापति दक्ष तो अपनी लड़कियों से बहुत स्नेह रखते थे, फिर उन्होंने अपनी कन्या सती का अनादर…

स्वायंभुव मनु की कन्याओं के वंश का वर्णन।

जगत की रचना करने के लिए ब्रह्मा जी ने सनक, सनन्दन, सनातन, तथा सनत कुमार नाम के अपने चार मानस पुत्रों को उत्पन्न किया, और…

कपिल मुनि के द्वारा अष्टांग योग विधि का वर्णन।

माता देवहूति के पूछने के पर कपिल भगवान कहते हैं अब मैं तुम्हें सबीज ( ध्येस्वरूप के आलंबन से युक्त) योग का लक्षण बताता हूं,…

कपिल मुनि के द्वारा भक्ति का मर्म और काल की महिमा का वर्णन।

देवहूति ने कपिल मुनि से पूछा कृपया करके भक्ति योग का मार्ग मुझे विस्तारपूर्वक बताइए। इसके सिवा जीवो की जन्म- मरणरूपा अनेक प्रकार की गतियों…

देवहूति को ज्ञान एवं मोक्ष की प्राप्ति।

कपिल भगवान के वचन सुनकर कर्दमजी की प्रिय पत्नी, माता देवहूति के मोह का पर्दा हट गया और वे तत्वप्रतिपादक सांख्यशास्त्र के ज्ञान की आधार…